हजारीबाग, अक्टूबर 8 -- हजारीबाग का कनहरी जंगल शहर का फेफड़ा कहा जाता है। यह न सिर्फ लोगों के लिए प्राकृतिक ऑक्सीजन प्लांट है, बल्कि वन्य जीवों का प्रमुख आश्रय स्थल भी रहा है। लेकिन बीते वर्षों में तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण और कंक्रीट के विस्तार ने इस हरित क्षेत्र की सेहत पर गहरा असर डाला है। कनहरी के आसपास की आवासीय बस्तियां और नई सड़कों ने यहां के पेड़ों, कीट-पतंगों और वन्य प्रजातियों की संख्या में भारी गिरावट लाई है। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में लोगों ने कनहरी जंगल को संरक्षित करने की मांग की। हजारीबाग । कनहरी जंगल हजारीबाग वासियों के लिए फेफड़े के समान है। यह यहां के लोगों के लिए प्राकृतिक ऑक्सीजन प्लांट के साथ-साथ वन्य जीवों का प्रमुख आश्रय स्थल है और रहा भी है। परंतु हाल के वर्षों में कनहरी जंगल की स्थिति में काफी गिरावट द...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.