सीवान, मार्च 24 -- सीवान जिले के गुठनी, सिसवन, रघुनाथपुर , दरौली आदि प्रखंडों के दियारा इलाके में सबसे अधिक तरबूज की खेती की जाती है। यहां पर किसानों के द्वारा करीब 2000 हेक्टेयर भूमि पर व्यापक स्तर पर तरबूज की खेती होती है। सरयू नदी के तलहटी में बालू के रेत में इस खेती में करीब पूरा गांव लगा रहता है। जहां पर तरबूज की खेती व्यापक स्तर पर की जाती है। केवल गुठनी के ग्यासपुर में करीब 150 परिवार लगा रहता है। किसानों को कभी मौसम खराब होने से खराब होती गेहूं की फसल परेशान करती है। तो कभी तरबूज के कम दाम चिंता में डाल देते हैं। लेकिन इस बार तरबूज भी धोखा कर रहा है। अच्छे मुनाफे की आस में तरबूज उगाने वाले किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाता है। 3 से 4 रुपए प्रति किलो भाव मिल पाता है। ऐसे में वो तरबूज को खेतों से भी नहीं उठा रहे। किसानों का कहना है ...
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