सीवान, जून 8 -- जिला की लगभग साठ फीसदी जनता पानी की जबर्दस्त किल्लत से जूझ रही है पर नागरिक समाज की इस दिशा में उदासीनता और नीतिगत सुधारों का अभाव जैसे धरती की कोख को पानी से भरने नहीं दे रहे हैं। विडंबना यह है कि सभी गंभीर जल संकट की ओर तेजी से बढ़ रहे है। लोग जंगल, तालाब और पानी के परंपरागत स्रोतों को मार कर अपना विस्तार करते जा रहे हैं। प्यासी धरती में कभी खुशहाली के अंकुर नहीं फूटते। लोगों को सुलभ व स्वच्छ जल उपलब्ध कराने को लेकर गांवो में सात निश्चय योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में नल जल के लिए पानी टंकी बनाई गई। गांव में पाइप लाइन बिछाई गई। लेकिन, जल्द ही यह ध्वस्त भी होने लगे। शुरुआती दौर में समन्वय समिति बनाकर नल जल का काम से किया गया। इस योजना से एक वार्ड में लगभग 15 लख रुपए खर्च किया गया। घटिया सामग्री का उपयोग के कारण जल्दी ही यह...
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