सीवान, फरवरी 23 -- सीवान जिले में दलहन और तेलहन एक ऐसी प्रमुख फसल है, जिसकी बुआई गांव में बड़े पैमाने पर की जाती है। आसपास के क्षेत्रों में हर साल सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में सरसों की खेती होती है। बावजूद इसके उचित मूल्य नहीं मिल पाने के कारण ही किसानों के हाथ खाली ही रहते हैं। कड़ी मेहनत करके किसानों के बहाये पसीने से उगाई गई फसल किसानों के जीवन में खुशहाली नहीं ला पा रही है। यह टीस उन किसानों के दिल में भी है और किसान व्यक्त भी करते रहे हैं। अब तो खेती के प्रति जिले के किसानों की दिलचस्पी भी कम होने लगी है। फलतः किसानों को कम कीमत पर इसे बेचना पड़ता है। इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। किसान पैदावार के बाद जब लेकर बाजार तक आते हैं, तो उन्हें बिक्री के बाद वह खुशी नहीं मिल पाती है, जिसकी आस वह फसल बोने के समय लगाए रह...
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