सीवान, जून 9 -- भगवानपुर प्रखंड में कभी जीवनदायिनी नदी के नाम से प्रसिद्ध रही धमई नदी समाज एवं प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अपनी पहचान खोती जा रही है। अब तो क्षेत्र में गंगा के नाम से पुकारी जाने वाली यह नदी नाला के स्वरूप में हो गई है। अब तो यह नदी देखरेख के अभाव में कचरा का सुरक्षित स्थान बन कर रह गया है। यह नदी भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र में करीब दस किलोमीटर की दूरी में गुजरती है। इसके किनारे करीब डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बसे हैं। इस क्षेत्र के लोग कभी इसे गंगा का रूप मान पूजा करते थे। कालांतर में इसका पानी बिल्कुल निर्मल था। इसके जल में लोग डुबकी लगा- लगा कर स्नान करते थे। इसके जल से देवी- देवताओं की पूजा की जाती थी। इसका जल मवेशियों को पिलाने, कृषि के क्षेत्र में सिंचाई के रूप में उपयोग किया जाता था। इससे किसानों के घरों में खुशहाली होती थी।...
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