सीतापुर, जुलाई 15 -- सीतापुर। जिले की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले ट्रक चालक आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ हैं लेकिन वे खुद ही अनगिनत समस्याओं से जूझ रहे हैं। सड़कों पर मीलों का सफर तय कर देश के कोने-कोने तक सामान पहुंचाने वाले ये गुमनाम योद्धा अक्सर सरकारी उपेक्षा और सामाजिक अनदेखी का शिकार होते हैं। उनकी ज़िंदगी अभावों और अनिश्चितताओं से घिरी हुई है, जहां स्वास्थ्य सुरक्षा, दुर्घटना बीमा और बुढ़ापे की लाठी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी एक सपना बनकर रह गई हैं। तमाम अभावों के बावजूद ये ट्रक चालक जब तक हाथ पैर काम करते अपन जिम्मेदारी बखूबी निभाते हैं। हालत ये है इतनी अहम जिम्मेदारी के बाद भी ये ट्रक चालक सरकार और समाज की उपेक्षा का शिकार हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने ट्रक चालकों को आने तमाम दुश्वारियों को लकर चर्चा की तो उनका दर्द छल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.