सीतापुर, नवम्बर 14 -- प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के तमाम सरकारी दावों के बावजूद जिले के प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर में कोई बदलाव नहीं आया है। गांव-गांव और गली-गली तेजी से खुल रहे निजी मांटेसरी स्कूल इस बात को और भी मजबूती दे रहे हैं कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। आपके अपने समाचार पत्र हिन्दुस्तान ने अक्टूबर माह के तीसरे सप्ताह में जिले के ग्रमीण अंचलों के प्राथमिक विद्यालयों की जब पड़ताल की तो एक भयावह तस्वीर उभर कर सामने आई थी। इस संबंध में हिन्दुस्तान ने बीती 18 अक्टूबर को बोले सीतापुर में विस्तृत समाचार का प्रकाशन भी किया था। इस खबर के छपने के एक माह बाद जब एक बार फिर हिन्दुस्तान टीम ने इन विद्यालयों की पड़ताल की तो पता चला कि इनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। छात्रों की उपस्थिति भी ना...
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