सीतापुर, दिसम्बर 2 -- शहर से लेकर कस्बों तक में ऑटो और ई रिक्शा छोटे-छोटे फासले तय करने का सबसे आसान और सस्ता साधन बन चुके हैं। सुबह से शाम तक सड़कों पर दौड़ते ये ऑटो- ई-रिक्शा आम लोगों को न सिर्फ सुविधा उपलब्ध कराते हैं बल्कि रोजगार का एक बड़ा जरिया भी बन गए हैं। लेकिन तेजी से बढ़ती इनकी संख्या और इन पर नियंत्रण की ठोस व्यवस्था न होने के कारण आज शहर की सड़कों पर जाम और अव्यवस्था का माहौल है। मौजूदा समय में शहर में ही 25,000 से अधिक ऑटो-ई रिक्शा सुबह से रात तक लगातार दौड़ रहे हैं। इनकी भीड़ का आलम यह है कि शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक हर जगह ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। सबसे अहम बात यह है कि इन ई-रिक्शाओं में से करीब 70 प्रतिशत वाहन ग्रामीण इलाकों से आकर शहर में सवारियां ढो रहे हैं। जिस पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग और ट...