सीतापुर, जनवरी 5 -- जिला अस्पताल की इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां पर मरीजों को आज भी सीएचसी और पीएचसी जैसी ही सेवाएं मिल पा रहीं हैं। इमरजेंसी में यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तो दूर कई बार तीमारदारों को अपने मरीजों के लिए स्ट्रेचर और व्हील चेयर तक नहीं मिल पाते हैं। कहने को तो जिला अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध होती हैं। जिससे गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीजों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके, लेकिन सीतापुर के जिला अस्पताल में रात की इमरजेंसी तो दूर दिन में भी मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि केवल एक इमरजेंसी चिकित्सक के सहारे मरीजों का उपचार हो रहा है, जिससे यहां आने वाले गंभीर रूप से बीमार या हादसों में घायलों को सिर्फ प्राथमिक उपचार करके लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। लखनऊ पहुंचने स...