सीतापुर, अक्टूबर 7 -- आम बोलचाल में छोटे हाथी के नाम से पहचाने जाने वाले लोडर वाहनों का संचालन करने वाले कारोबारी जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जा सकते हैं। क्योंकि बड़े वाहन तो सिर्फ चौड़ी सड़कों तक खाद्यान व अन्य सामग्री पहुंचाते हैं। मगर छोटे लोडर वाहन ही उन सामग्रियों को लेकर दुकान से लेकर दुकानदारों के संकरी सड़कों-गलियों में बने गोदाम तक जाते हैं। छोटे लोडर वाहन के कारोबारी कहते हैं कि उनके लिए व्यापार की स्थितियां दिन पर दिन खराब होती जा रही है। छोटे ट्रांसपोर्टरों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि शहर में उनके खड़े होने का कोई नियत स्थान नहीं है। कारोबारी बताते हैं कि इनके खड़े रहने से यातायात पर कोई खास दिक्कत नहीं होती, बावजूद इसके प्रशासनिक अमला अक्सर इन्हें प्रताड़ित करता है। पुलिस और अन्य प्रवर्तन दल मनमाने तरीके से चालान...
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