सहारनपुर, दिसम्बर 29 -- देवबंद अपनी धार्मिक, शैक्षिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए विख्यात है। इस्लामिक शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में देवबंद का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम है। साथ ही, यह क्षेत्र ऐतिहासिक महाभारत कालीन होने का भी गौरव रखता है। इसके बावजूद, आजादी के 78 वर्ष बाद भी देवबंद बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहां आज तक न तो रोडवेज डिपो स्थापित हो सका और न ही एक सुविधायुक्त रोडवेज बस स्टैंड। यात्रियों को आज भी सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ाता है। देवबंद की आबादी करीब 1 लाख 25 हजार है और यह क्षेत्र प्रशासनिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अंग्रेजों के शासनकाल में बनी देवबंद तहसील न केवल जनपद की, बल्क...
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