सहारनपुर, जनवरी 15 -- रामनगर कॉलोनी वर्ष 2009 में नगर निगम सीमा में शामिल हुई। वार्ड नंबर दो के अंतर्गत यहां करीब 2000 की आबादी निवास करती है। कॉलोनीवासियों को उम्मीद थी कि नगर निगम में शामिल होने के बाद बुनियादी सुविधाओं से उनका जीवन आसान होगा, लेकिन आज यहां मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी लोगों के रोजमर्रा कार्यों पर भारी पड़ रही है। जल निकासी, सीवर लाइन, सड़कें, सफाई और स्ट्रीट लाइट की कमी रामनगर की बदहाली को उजागर कर रही हैं। वर्ष 2009 में नगर निगम में शामिल होने से पहले रामनगर का स्वरूप अपेक्षाकृत ग्रामीण था। नगर निगम में शामिल होने के बाद क्षेत्रवासियों को यह उम्मीद जगी थी कि सड़क, नाला, सफाई और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और उनका जीवन स्तर बेहतर बनेगा। प्रारंभिक दौर में कुछ कार्य अवश्य कराए गए। इसी क्रम में पवन विहार से ...