सहारनपुर, दिसम्बर 24 -- जनपद की गंगोह विधानसभा क्षेत्र में स्थित मोरा गांव का नाम स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सम्मान के साथ लिया जाता है। यह वहीं गांव है, जहां के ठाकुर सुबा सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वतंत्रता सेनानियों की गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से ही अंग्रेजी शासन ने वर्ष 1904 में पास के बड़गांव में थाने की स्थापना की थी। यह तथ्य स्वयं इस बात का प्रमाण है कि मोरा गांव और आसपास का क्षेत्र उस दौर में अंग्रेज़ों के लिए चुनौती बना हुआ था। आज़ादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह विडंबना ही है कि स्वतंत्रता सेनानी का पैतृक गांव मोरा आज भी पानी, सड़क, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। गांव की कुल आबादी करीब 7500 है, जबकि यहा...