भागलपुर, अप्रैल 28 -- सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड के बिहरा पटोरी बाजार का इतिहास सौ साल से अधिक पुराना है। लेकिन हाल यह है कि आज भी यह ग्रामीण बाजार से ऊपर नहीं उठ पाया है। इसकी पहचान आज तक व्यापक नहीं हो पायी है। इस कारण यहां के व्यवसायियों को अच्छा बाजार आज तक नहीं मिल पाया है। इस बाजार में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी है। व्यवसायियों का कहना है कि जिस तरह से इस क्षेत्र की रोड कनेक्टिविटी बढ़ी है उस मुताबिक बाजार का विस्तार नहीं हो पा रहा है। अगर सुविधा दी जाए तो यह बड़ा बाजार बन सकता है। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान बिहरा पटोरी बाजार के व्यवसायियों ने अपनी समस्या बताई। 02 सौ से अधिक दुकान हैं बाजार में जहां विभिन्न तरह के सामान की होती है बिक्री 01 सौ साल से अधिक पुराना है बिहरा पटोरी बाजार का इतिहास 50 गांव से सैकड़ों खरीदार प्र...
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