पूर्णिया, अगस्त 21 -- प्रस्तुति : राजेश कुमार जिले के सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे मरीजों की सेवा में जुटे एम्बुलेंस कर्मियों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। जिनके प्रयासों से रोजाना सैकड़ों लोगों की जान बचती है, वे स्वयं आर्थिक संकट और असुरक्षा से जूझ रहे हैं। महीनों से वेतन लंबित है, वहीं भविष्य निधि, ईएसआई और अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रखा गया है। कई कर्मियों की दुर्घटनाओं और मौत के बावजूद उनके परिवारों को मुआवजा तक नहीं मिला। प्रतिदिन 12-12 घंटे की ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही। काम करने के लिए उचित व्यवस्था का अभाव है, यहां तक कि एम्बुलेंस रखने के लिए शेड तक नहीं है। कर्मियों को पुराने और जर्जर भवनों में समय काटना पड़ रहा है। जिले के सदर अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात एम्बु...
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