भागलपुर, फरवरी 24 -- ग्रामीण क्षेत्रों के निरक्षण महिला एवं पुरुषों को साक्षर करने के लिए रखे गए प्रेरक सात साल से बेरोजगार बैठे हैं। उनका ना तो अनुबंध बढ़ाया गया है और ना ही उन्हें मानदेय मिल रहा है। हालत यह हो गई कि उन्हें अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। भुखमरी की स्थिति बन बायी है। कई बार आंदोलनों के बाद उन्हें आश्वासन तो मिलता है लेकिन आज तक अनुबंध फिर से करने की दिशा में कोई समुचित कार्रवाई नहीं की गई है। हिन्दुस्तान से संवाद के दौरान प्रेरकों ने अपना दर्द बयां किया। साथ ही सरकार से नौकरी नियमित करने की मांग की। 02 हजार 11 में आदर्श शिक्षक रोस्टर के तहत सहरसा जिले में प्रेरकों का किया गया था सरकार द्वारा चयन 02 हजार मानदेय सर्व शिक्षा अभियान द्वारा नियुक्ति के समय सरकार द्वारा दिया जाता था सभी महिला व पुरुष प्रेरकों को 07 सालों स...
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