भागलपुर, मार्च 18 -- प्रकृति प्रदत्त जल मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा भी प्राकृतिक जलस्रोत के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है लेकिन सरकारी उपेक्षा के कारण इस क्षेत्र में प्राचीनकाल से बहने वाली धर्ममूला (धेमरा) नदी के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। तलहटी में गाद जमा होने से इस नदी का मूल स्वरूप बदलता जा रहा है। इससे किसानों की सिंचाई और चरागाह की समस्या बढ़ गई है। 05 फीट से अधिक गहराई तक पहले इस नदी में गर्मी के मौसम में भी रहता था पानी 01 वर्ष पूर्व यह नदी राम घाट के समीप करीब 5-7 फीट की चौड़ाई में सिमट गई है 01 फीट की गहराई में जलप्रवाह लगभग थम सा जाने के कारण रहता है पानी धेमरा नदी नेपाल से निकलती है। सुपौल जिला के रास्ते सहरसा में प्रवेश कर सत्तरकटैया, कहरा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर प्रखण्ड क्षेत्र से होकर गुजरते हुए कोपर...
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