भागलपुर, जनवरी 1 -- - प्रस्तुति : श्रुतिकांत शहरी क्षेत्र के बटराहा समेत कई मोहल्लों में नल-जल योजना लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। जिस योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था, वही अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से निकलने वाला पानी पीने तो दूर, घरेलू उपयोग के लायक भी नहीं रह गया है। पानी में आयरन और जंग की मात्रा इतनी अधिक है कि कुछ ही दिनों में नल लाल पड़ जाते हैं। बाल्टियों में भरे पानी की सतह पर परत जम जाती है और तलहटी में भारी कण बैठ जाते हैं, जिससे उसकी गुणवत्ता पर गंभीर संदेह होता है। लोगों का कहना है कि सप्लाई भी नियमित नहीं होती और जब आती है तो पानी दुर्गंधयुक्त व दूषित रहता है। कई परिवार स्वस्थ्य जोखिम से बचने के लिए अब पानी खरीदने को मजबूर हैं। नागरिकों ने चेतावनी दी है...
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