भागलपुर, फरवरी 7 -- सोनवर्षा राज प्रखंड के लोगों की मांग 26 वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से हुआ है मंदिर का निर्माण 30 किलोमीटर है मंदिर की दूरी जिला मुख्यालय से 09 दिनों तक दुर्गापूजा में रोज होती है विशेष पूजा भारत में शक्ति साधना की परंपरा अत्यंत प्राचीन और व्यापक रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित शक्तिपीठ न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के भी प्रतीक हैं। बिहार की धरती तो विशेष रूप से तंत्र, साधना और देवी उपासना के लिए जानी जाती है। इसी कड़ी में सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र की शाहपुर पंचायत अंतर्गत शाहमौरा गांव स्थित मां विषहरा भगवती स्थान का विशेष महत्व है। यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा से हर मनोकामना पूर्ण होती है। स...