भागलपुर, जुलाई 4 -- प्रस्तुति: श्रुतिकांत प्रमंडलीय मुख्यालय होने के बावजूद अन्य जिलों को जोड़ने वाली बायपास सड़क की हालत खराब है। यह सड़क केवल नाम मात्र की बायपास है, जबकि हकीकत में यह सिंगल लेन से भी संकरी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसे बायपास का दर्जा दे दिया गया है। जैसे ही कोई बड़ा वाहन इस सड़क में प्रवेश करता है, वहां जाम लगना तय हो जाता है। हिन्दुस्तान के 'बोले सहरसा' संवाद के दौरान लोगों ने बताया कि सड़क के दोनों ओर मकान सड़क से सटाकर बना दिए गए हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दुर्भाग्यवश यह आशंका कई बार हकीकत भी बन चुकी है। प्रमंडलीय मुख्यालय से मधेपुरा जिले को जोड़ने वाली बायपास सड़क खुद अपने अस्तित्व पर कराह रही है, लेकिन इस ओर न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और न ही किसी अधिकारी की रु...