भागलपुर, मार्च 23 -- राजनपुर बाजार के व्यवसायियों का दर्द सहरसा। गौरवशाली अतीत वाले राजनपुर बाजार का आजादी के सात दशक बाद भी अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार बने इस इलाके में कई समस्याएं बरकरार हैं। कोसी दियारा व तटबंध के बाहरी इलाके के दर्जनों गांव का यह एकमात्र बाजार है। बावजूद अभी तक राजनपुर बाजार में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। स्थानीय व्यवसायियों ने इस दिशा में हिन्दुस्तान से समस्याओं को साझा किया। प्रखण्ड के राजनपुर बाजार का इतिहास काफी पुराना है। स्थानीय लोगों की मानें तो यह बाजार वर्ष 1960 के आसपास से लग रहा है। उस समय यह गुदरी बाजार के नाम से जाना जाता था, जहां लोग दिनभर दुकान लगाकर सामान बेचते थे और शाम तक दुकान समेट लेते थे। लोगों की मानें तो उस समय फुटपाथी दुकानें अधिक थीं। समय के साथ बाजार ...
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