भागलपुर, जनवरी 5 -- -प्रस्तुति: गोपाल कृष्ण सलखुआ प्रखंड मुख्यालय में सरकारी आवासों की बदहाल स्थिति अब केवल कर्मचारियों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक ढांचे की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले इस प्रखंड में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए न तो पर्याप्त आवास उपलब्ध हैं और न ही पुराने भवन रहने योग्य बचे हैं। वर्षों से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में सरकारी आवास जर्जर होकर खंडहरनुमा हो चुके हैं। इन हालातों के कारण अधिकारी और कर्मचारी सलखुआ प्रखंड मुख्यालय छोड़कर सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में, जो लगभग 8 किलोमीटर दूर है, अथवा जिला मुख्यालय में, जिसकी दूरी करीब 26 किलोमीटर है, निजी आवासों में रहने को विवश हैं। रोजाना इतनी दूरी तय करने का सीधा असर कार्यालय समय और प्रशासनिक सक्रियत...
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