लखीसराय, जनवरी 11 -- मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट हर घर नल का जल योजना की नगर परिषद क्षेत्र में जो दुर्गति हुई है, वह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि जनता के पैसे की खुली लूट और प्रशासनिक संवेदनहीनता का जीता-जागता उदाहरण है। नगर परिषद के वार्ड संख्या 29 में यह योजना पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हालत यह है कि करीब एक साल से लोगों को नल से पानी नहीं मिला, लेकिन संवेदक से लेकर नगर परिषद के जिम्मेदार पदाधिकारी तक आंख मूंदकर बैठे हैं। लगभग 37 लाख रुपये की राशि खर्च कर बोरिंग कराई गई, जलमीनार खड़ा किया गया, गलियों में पाइपलाइन बिछाई गई, घर-घर नल लगाए गए, लेकिन आज वही नल शो-पीस बनकर रह गए हैं। टोटियां लगी हैं, पर पानी नहीं। जलमीनार खड़ा है, पर बेकार। मोटर खराब है, पर उसे ठीक कराने वाला कोई नहीं। सवाल उठता है कि आखिर यह ड्रीम प्रोजेक्ट लोगों के लिए सप...