लखीसराय, जनवरी 15 -- जिस ऑक्सीजन प्लांट से कोरोना काल में लाखों जिंदगियों को बचाने की उम्मीद जगाई गई थी वही ऑक्सीजन व्यवस्था आज लखीसराय सदर अस्पताल में खुद बीमार पड़ी है। कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण के दौरान करीब 70 लाख रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन गैस प्लांट आज तक पूरी क्षमता के साथ नियमित रूप से संचालित नहीं हो सका। हालात ऐसे हैं कि यह प्लांट मरीजों के लिए जीवनरक्षक बनने के बजाय अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। कोरोना महामारी ने यह साफ कर दिया था कि स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे कमजोर कड़ी ऑक्सीजन सप्लाई है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य स्वास्थ्य समिति ने सदर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई थी ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में अस्पतालों को सिलेंडर पर निर्भर न रहना पड़े। शुरुआत से ही हांफता रहा ऑक्सीजन प्...