लखीसराय, जनवरी 5 -- जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के उदासीनता के कारण मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए अनुकूल ठंड के मौसम में भी मोतियाबिंद पीड़ित मरीज को सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के लगभग 13 से 14 लाख की आबादी पूरे तरीके से निजी अस्पताल या फिर एनजीओ के सहयोग से ऑपरेशन के लिए निर्भर हो गया है। निजी अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए न्यूनतम 8 से 10 हजार का खर्च आता है। जो आर्थिक रूप से कमजोर मरीज के लिए परेशानी का सबब है। ज्ञात हो सदर अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पूनम कुमारी एवं एक सहायक के अलावे अलग-अलग प्रखंड स्तरीय अस्पताल में तैनात महिला समेत दो सहायक को विशेष रूप से नेत्र रोग पीड़ित मरीज को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के लिए लगभग तीन पहले से सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त हैं। जबकि इस दौरान ...