लखीसराय, जनवरी 21 -- लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र में शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सबसे बड़ा ग्रहण लग गया है। कभी जिले की प्रमुख जलनिकासी धारा मानी जाने वाली यह मनसिंघा पईन आज दबंगों, अतिक्रमणकारियों और असामाजिक तत्वों की कब्जेदारी के कारण सिमटकर नाले जैसी हो गई है। हालात इतने बदतर हैं कि हर साल बरसात आते ही पूरा शहर जलजमाव, गंदगी और बीमारियों के खतरे से घिर जाता है लेकिन इसके बावजूद नगर प्रशासन और जिला प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। कभी 50 फीट चौड़ी थी मनसिंघा पईन: स्थानीय बुजुर्गों और पुराने दस्तावेजों के अनुसार मनसिंघा पईन की चौड़ाई कभी 26 से 50 फीट तक हुआ करती थी। यही पईन लखीसराय शहर के विभिन्न इलाकों से निकलने वाले बरसाती पानी और घरेलू जल को किउल नदी तक पहुंचाने का प्रमुख माध्यम थी। बरसात के दिनों में जब शहर के निचले इलाके जलम...
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