लखीमपुरखीरी, मार्च 18 -- जिले में छोटे-छोटे उद्योगों से हजारों लोग जुड़े हुए हैं। कृषि आधारित इन उद्योगों से तमाम लोगों को रोजगार मिल रहा है। वहीं शहरी इलाके के लोगों तक इनके बनाए प्रोडक्ट भी पहुंच रहे हैं। इसके बाद भी इनकी समस्याओं का अंत होता नहीं दिख रहा। बिना सरकारी मदद के अपने कुटीर उद्योग को उंचाइयों पर ले जाने में लगे इन कारोबारियों से हिन्दुस्तान ने दिक्कतें जानीं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 3000 से ज्यादा कुटीर उद्योग हैं। आटा चक्की, तेल कोल्हू, मसाला चक्की, बेसन, मिक्स आटा व पालेसर आदि के जरिए हजारों लोग कारोबार कर रहे हैं। बेहद सीमित संसाधनों और बड़ी चुनौतियों के बीच काम कर रहे ये लोग अपना परिवार ही नहीं पाल रहे, बल्कि कृषि आधारित उद्योगों के जरिए जिले की जीडीपी में भी अपना बड़ा योगदान दे रहे हैं। इन छोटे उद्योगों से किसान स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.