लखीमपुरखीरी, फरवरी 18 -- मेला मैदान बाजार के व्यापारी लंबे समय से जटिल समस्याओं से जूझ रहे हैं। 400 से ज्यादा दुकानों वाले इस बाजार में कपड़े, जूते-चप्पल, बर्तन, क्राकरी जैसे उत्पादों का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। यह न केवल शहर, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों के लिए भी एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन चुका है। इसके बावजूद यहां पीने के पानी, सफाई, नाला निकासी, पार्किंग की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही इस बाजार में कारोबारियों को स्थान आवंटित नहीं किया गया है। चैत महीने में जब मेला लगता है तो व्यापारियों को पूरा बाजार खाली करना पड़ता है। ऐसे में व्यापारियों की मांग है कि उन्हें स्थाई जगह आवंटित किया जाए, जिससे वे सालभर निश्चिंत होकर व्यापार कर सकें। मेला मैदान बाजार की शुरुआत लगभग स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई थी। यह बाजार...
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