लखनऊ, सितम्बर 24 -- राजधानी लखनऊ में एक इलाका ऐसा है, जहां मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। यहां पर दशकों से रहने वाले लोग विकास के नाम पर खुद को ठगा महसूस कर रहे है। हम बात कर रहे है रायबरेली रोड स्थित शहीद पथ से सटा शीतल खेड़ा की। वैसे तो शीतल खेड़ा सौ साल पहले बसाया गया था। लेकिन नगर निगम में इस इलाके को वर्ष 2000 के आसपास शामिल किया गया। शारदानगर वार्ड द्वितीय के अंतर्गत वर्ष 2010 से हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। बावजूद यहां पर दशकों से निवास करने वाले तीन हजार की आबादी 24 घंटे 365 दिन बगैर सीवर, सड़क और नाली के गुजार रही हैं। आलम यह है कि पूरे इलाके में सीवर और घर से निकलने वाला गंदा पानी फैला रहता है। जहां हर ओर पानी के ठहराव से हर कदम पर कीचड़, काई, मच्छरों का बसेरा है। आलम यह है कि मुख्य सड़क के कुछ कदम दूरी पर कच्ची रोड से लोगों का आवा...
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