लखनऊ, जून 9 -- कुकरैल नदी के बंधे के दूसरी ओर नीचे की तरफ बसे शक्तिनगर कॉलोनी के लोग मानसून आते ही घबराने लगते हैं। बस यही मनाते हैं कि बारिश हो भी तो लगातार न हो। क्योंकि कुछ घंटे की बारिश में ही पूरा क्षेत्र तालाब में बदल जाता है। लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। घर का सामान बचाने और पानी निकालने के लिए उन्हें जूझना पड़ता है। यदि बारिश लगातार होती रहती है तो लोगों की आवाजाही तक बंद हो जाती है। पूरे मानसून भर इस क्षेत्र के लगभग 2500 हजार घरों की 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित रहती है। शक्तिनगर में यह स्थित यहां के बड़े नाले की सफाई न होने के कारण ही होती है। कुकैरल बंधा से सटा ही यहां का बड़ा और प्रमुख नाला है। इस नाले के कई हिस्सों पर अतिक्रमण हो चुका है। कुछ हिस्से पर तो लोगों ने कच्चे मकान बना कर उसे किराए पर दे दिए हैं। जिसके क...
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