रायबरेली, नवम्बर 12 -- लाइब्रेरी के नाम पर सेंटर तो बहुत खुल गए हैं लेकिन बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा है। सरकारी लाइबे्ररी आर्थिक तंगी से जूझ रही है वहीं निजी लाइब्रेरी सिर्फ सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। किताबों की जगह पर वाईफाई के सहारे छात्र लाइब्रेरी पहुंच कर घंटों गुजारते हैं। यही जिला और तहसील मुख्यालयों के सरकारी इंटर और डिग्री कॉलेज में पुस्तकालय की स्थिति ठीक नहीं है। जिले के 45 प्रमुख सरकारी इंटर और चार डिग्री कॉलेज हैं। जहां पर लाइब्रेरी की सुविधा है। छात्र छात्राओं को लाइब्रेरी की सुविधा उन्हें उनकी पढ़ाई लिखाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में अधिक मददगार साबित नहीं हो रही है। रायबरेली, संवाददाता। डिजिटल लाइबे्ररी के नाम पर तो कई जगहों पर शहर से लेकर कस्बे तक सेंटर खुल गए हैं लेकिन लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। डिजिट...