रांची, मई 4 -- रांची, संवाददाता। सखुआ बागान, धुर्वा की लगभग 2000 लोगों की आबादी आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन व्यतीत कर रही है। 60 वर्षों से अधिक पुरानी यह बस्ती आज स्वच्छ पानी, सफाई, जल निकासी, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार जैसी आवश्यकताओं से वंचित है। कई सरकारी योजनाएं यहां शुरू तो हुईं, लेकिन धरातल पर उनका क्रियान्वयन अधूरा रह गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रतिदिन संघर्ष कर रहे हैं। हिन्दुस्तान के 'बोले रांची कार्यक्रम में यहां के लोग शामिल हुए। बस्ती की परेशानियों से अवगत कराया। विशेष रूप से कहा- गर्मी के साथ जलसंकट बढ़ने लगा है। जलस्तर नीचे होने से लोग हलकान हैं। नगर निगम और प्रशासन से पानी की सुविधा जल्द बहाल करने की मांग की। राजधानी के कई इलाके आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही हाल यहां के धुर्वा के सखुआ बागान ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.