रांची, जनवरी 2 -- रांची, संवाददाता। रांची नगर निगम के वार्ड-36 स्थित पुंदाग, लोहरा टोली की जमीनी हकीकत विकास के दावों के गाल पर तमाचा है। 'हिन्दुस्तान' के 'बोले रांची' कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों का दर्द गुस्से के रूप में फट पड़ा। सालों से बुनियादी सुविधाओं की बाट जोह रहे लोगों ने दो टूक कहा कि वे नगर निगम के लिए केवल 'टैक्स का जरिया' बनकर रह गए हैं, जबकि बदले में उन्हें मिली हैं-कीचड़ से भरीं सड़कें, पानी-प्यास बुझाने की जद्दोजहद और असुरक्षा का माहौल। स्थिति यह है कि सूरज ढलते ही लोहरा टोली क्षेत्र में अंधेरा पसर जाता है। खराब स्ट्रीट लाइट के कारण सड़कें असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। जल संकट का आलम यह है कि एक-एक बूंद के लिए तीन किलोमीटर दूर नदी तक की दौड़ लगानी पड़ती है,...
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