मैनपुरी, जुलाई 31 -- ग्राम पंचायत मेरापुर गुजराती की बदहाली की कहानी बदलने का नाम नहीं ले रही। आजादी के बाद से ही इस ग्राम पंचायत के लोग विकास कार्यों का इंतजार कर रहे हैं। गांव में न तो बरात घर है ना श्मशान घाट है और न पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र की सफाई के लिए बजट तो आता है मगर इस बजट का इस्तेमाल होने के बजाय दुरुपयोग अधिक हो जाता है। पंचायती राज विभाग के लोग ग्रामीण क्षेत्र के विकास की कहानी कागजों में दर्ज कर लेते हैं। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद के दौरान यहां के लोगों ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि यदि गांव के विकास के लिए गंभीर हो जाए तो मेरपुर गुजराती भी विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ने लगेगा। ग्रामीण विकास का सपना आजादी के बाद से ही देखा जा रहा है। सरकार किसी की भी रही हो। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.