मैनपुरी, सितम्बर 10 -- लोग अक्सर कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य हैं और भविष्य को शिक्षक निखारता है। यानी शिक्षक को देश निर्माता का दर्जा दिया जाता है लेकिन इस देश निर्माता के सामने बड़ी मुश्किल है। कभी शासन नए आदेश जारी करता है तो कभी कोर्ट आदेश कर शिक्षकों को टेंशन दे देता है। जब से शिक्षकों के सामने टेट अनिवार्यता का आदेश आया है तब से शिक्षक समाज अपने को अपमानित महसूस कर रहा है। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने कहा कि शिक्षक देश का निर्माता ये वाक्य सिर्फ कहने के लिए हैं, शिक्षकों को चोर की नजर से देखा जा रहा है। इसीलिए ऐसे आदेश जारी होते हैं जिससे शिक्षकों का उत्पीड़न होता है। अब शिक्षकों के लिए टेट पास करने के आदेश ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग लंबे समय से चल रह...
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