मैनपुरी, दिसम्बर 7 -- ब्लॉक की ग्राम पंचायत जोगा आज भी अधूरे विकास और टूटी उम्मीदों के बोझ तले दबी हुई है। चार हजार की आबादी वाली यह पंचायत वर्षों से उन मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहा है, जिनके भरोसे लोगों ने बेहतर जीवन की आस लगाई थी। जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं ने गांव की अधिकांश सड़कों को तोड़कर छोड़ दिया है। स्वास्थ्य केंद्र जर्जर है, श्मशान घाट न होने से अंतिम संस्कार खेतों के किनारे करना पड़ता है, और बरात घर के अभाव में गरीब परिवारों की खुशियां भी संकट में पड़ जाती हैं। जहां प्रकाश व्यवस्था वर्षों से अंधेरे में डूबी है, वहीं खेल मैदान, लाइब्रेरी और बायपास सड़क जैसी जरूरतें भी सिर्फ कागजों में सिमटी दिखती हैं। हिन्दुस्तान के बोले मैनपुरी संवाद में ग्रामीणों ने बताया कि शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। अब बस यही इंतजार है कि सरक...