मैनपुरी, फरवरी 16 -- पंचायतों में सुबह से शाम तक काम करने वाले रोजगार सेवकों की समस्याओं का अंबार है। रोजगार सेवकों को शासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन से अधिक शिकायतें हैं। शासन से रोजगार सेवकों के लिए जो आदेश आते हैं उनका जिले में पालन नहीं हो रहा। रोजगार सेवकों के बेहद कम मानदेय से काटा जाने वाला ईपीएफ भी उन्हें नहीं दिया जा रहा। जो रोजगार सेवक आकस्मिक काल के गाल में चले गए हैं उनके आश्रितों को न तो पेंशन मिल रही और न ही नौकरी दी गई। अपने संसाधनों से काम करने वाले रोजगार सेवकों ने शासन से मानदेय बढ़ाने और यात्रा भत्ता दिलाए जाने की मांग रखी। ग्राम पंचायतों में कार्य निपटाने के लिए सरकार ने 19 वर्ष पहले रोजगार सेवकों की तैनाती की। तैनाती के बाद से ही रोजगार सेवक संसाधनों के अभाव में कार्य करते चले आ रहे हैं। न तो उन्हें फाइल बनाने का खर्चा...
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