मैनपुरी, फरवरी 13 -- मैनपुरी। ईशन नदी के पावन तट पर स्थित अति प्राचीन चांदेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए सदियों से आस्था का केंद्र रहा है। पुराणों में जिस नदी का उल्लेख इच्छुमति के नाम से मिलता है, वही कालांतर में अपभ्रंश होकर ईशन नदी कहलाने लगी। इसी पवित्र धारा के किनारे यह दिव्य मंदिर स्थापित है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार मंदिर का इतिहास लगभग 500 से 600 वर्ष पुराना है। हालांकि मंदिर के वर्तमान स्वरूप को 200 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी इसकी आध्यात्मिक परंपरा इससे कहीं अधिक प्राचीन मानी जाती है। प्राचीन काल में यहां एक विशाल गुफा थी, जहां संत-महात्माओं ने घोर तपस्या की। मंदिर परिसर में स्थित विशाल वटवृक्ष इसकी प्राचीनता का जीवंत प्रमाण माना जाता है। यह तपोभूमि अनेक महान संतों की साधना स्थली रही है। यहां पहाड़ी बाबा, बरगदिय...
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