मैनपुरी, सितम्बर 26 -- मैनपुरी। नवरात्र के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर जब बात होती है तो एक बड़ा सवाल यह सामने आता है कि यह वर्ग अभी भी सरकार की उपेक्षा का शिकार है। इनसे जो काम लिया जाता है उसके बदले में जो मानदेय दिया जा रहा है वह बेहद कम है। इनकी वर्षों पुरानी मांग है कि ने राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और इन्हें न्यूनतम वेतन 18 हजार से अधिक दिया जाए। ताकि इनका आर्थिक विकास हो सके और ये भी समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सकें। निश्चित रूप से जी वेतन अभी दिया जा रहा है वह बेहद कम है। यही वजह है कि उनके कार्य की क्षमता भी प्रभावित हो रही है और सरकार का जो संकल्प है वह भी पूरी तरह से अधूरा है। मासूम बच्चों को प्री प्राइमरी शिक्षा से जोड़ने की बात हो या अन्य सरकारी कार्यों के संचालन की। कार्यकर्ताओं को हर जगह लगा दिया जाता है। कार्यकर्...
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