मेरठ, जून 4 -- मेरठ। जैनपुर गांव वर्ष 1990 में नगर निगम में किया गया था शामिल। आज भी गांव की स्थिति वैसे की वैसी है। गांववासी पानी, सड़कें, सीवर लाइन, निकासी की व्यवस्था, टूटी नालियां, साफ-सफाई की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटें आदि समस्याओं से आज भी परेशान हैं। लोगों को आशा थी कि नगर निगम इन सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। मूलभूत सुविधाओं का अभाव यहां के निवासियों का दर्द बढ़ाता नजर आता है। साल 1990 में जब गांव जैनपुर को नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया, तब गांववालों में उम्मीदों की किरण जगी थी। उन्हें लगा था कि अब शहर के समान इस गांव का भी विकास होगा, बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, और उनका गांव भी तरक्की करेगा। लेकिन समय के साथ-साथ यह उम्मीदें धीरे-धीरे दम तोड़ती गईं। करीब पंद्रह साल बीत चुके हैं, जबसे इस गांव की बागडोर...
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