मेरठ, मई 30 -- स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले सर्जिकल व्यापारी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह व्यापारी अस्पतालों, डॉक्टरों और नर्सिंग होम्स तक सर्जिकल उपकरण, दवाएं और आवश्यक सामग्री पहुंचाते हैं, लेकिन कई समस्याओं से परेशान हैं। मेरठ के सर्जिकल कारोबारी औसतन दस लाख से ज्यादा का टैक्स रोजाना देते हैं लेकिन उनके व्यापार में आने वाली मुश्किलें कम नहीं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में छूट, सर्जिकल आइटम के एमआरपी पर लगाम लगे। कंपनी द्वारा ठीक किए जाने वाले सामानों के सर्विस सेंटर खुलें। मेरठ शहर के दवा मार्केट खैरनगर बाजार और जीआईसी के सामने सर्जिकल आइटम की होलसेल दुकानें हैं। वहीं अकेले खैरनगर बाजार में ही करीब 35 दुकानें सर्जिकल उपकरणों की हैं। अगर पूरे जिले की बात करें तो 50 से अधिक दुकानें होलसेल व्यापार की हैं। सर्जिकल...
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