मुरादाबाद, फरवरी 17 -- शायद किसी शहर में मंडी समिति इस तरह की होगी जहां बीच में आम रास्ता निकलता है। सफाई का ठेका होता पर कूड़ा हर वक्त पड़ा रहता है। आढ़तियों के लाइसेंस यूं तो साढ़े सात सौ दे दिए गए पर दुकानें मिलीं सिर्फ 258 लोगों को। ऐसे में इधर उधर से आढ़ती काम चला रहे हैं। कुछ दुकानों की हालत बेहद जर्जर है। किसानों की सुविधा के लिए कुछ भी नहीं है। पीने के पानी का भी समुचित प्रबंध नहीं है। नालियां चोक हैं नगर निगम से अलग इसका ठेका होता है। मंडी में रोशनी के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आढ़तियों की पीड़ा है कि यहां ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त हो। मंडी समिति में अवैध ठेलों की भरमार है। इन्हें अवैध वसूली के चक्कर में नहीं हटाया जाता है। इससे जाम की समस्या ज्यादा रहती है। आढ़तियों के लिए किसानों के लिए सहूलियतें नहीं हैं। .मंडी का जो समय निर्धारित है ...
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