मुजफ्फर नगर, जून 13 -- मुजफ्फरनगर शहर में 800 से अधिक सैलून संचालित हैं। इन सैलून संचालकों और वहां काम करने वाले करीब 1500 से अधिक करीगरों को कम काम और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के कराण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। न कहीं इनका पंजीकरण है, न ही योजना है और न ही इनकी कोई आर्थिक सुरक्षा है। यही बात इन सैलून वालों और वहां काम करने वाले को सताती है। इनकी कैंची तो सुबह से शाम तक चलती है, लेकिन कमाई इतनी ही हो पाती है कि एक दिन की गृहस्थी चल सके। अगले दिन काम न हो तो परिवार का भरण पोषण करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ------ शहर में कुछ सैलून संचालकों ने अपनी दुकान को किसी शोरूम की तरह सजा रखा है तो बहुत से सैलून सिर्फ हल्की-फुल्की साज-सज्जा से ही ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। बड़ी संख्या में सड़क किनारे भी खुले मे...
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