मुजफ्फर नगर, मई 15 -- पल्लेदार कड़ी मेहनत और पसीना बहाकर व्यापार की प्रवाह को चलाने का काम करते है। जिले में 2000 से अधिक पल्लेदार हैं, जो दो वक्त की रोटी के लिए अपने कंधों पर भारी बोरियां और अन्य वजन उठाकर व्यापारियों के बीच माल का आदान-प्रदान करते हैं। स्टेशन पर आने वाली मालगाड़ी से भी यही पल्लेदार दिनभर माल उतारने का काम करते है,जिसके लिए उन्हें पर्याप्त पैसे भी नहीं मिल पाते है। यहां तक कि इनके बिना मंडी संचालन की व्यवस्था भी अधूरी रहती है। मंडी संचालन की रीढ़ होने के बावजूद भी पल्लेदारों की समस्याओं पर न तो कारोबारी ध्यान देते हैं न ही अधिकारी। -------- - श्रम विभाग में पंजीकरण नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं से हो रहे वंचित पल्लेदारों का काम इतना मेहनत भरा होता की दिन रात इन्हें पसीना बहाकर भारी से भारी बोझ को अपनी पीठ और कंधे पर ढ...
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