मुजफ्फर नगर, जुलाई 21 -- शहर में 1000 से अधिक रेहड़ी-ठेला वाले सड़कों पर व्यापार कर परिवार चलाते हैं। अधिकांश के पास स्थायी ठिकाना नहीं है, जिससे वे नगर पालिका या पुलिस की अतिक्रमण कार्रवाई से परेशान होते हैं। स्थायी पंजीकरण न होने से वे असुरक्षित महसूस करते हैं। नगर पालिका से स्थाई ठिकाना न मिलने से दिक्कतें हैं। वेंडर बैंकों से कम दरों पर ऋण की मांग कर रहे हैं। वेंडिंग जोन बनने से इन्हें राहत मिल सकती है। वेंडरों ने हिन्दुस्तान से बातचीत में अपनी समस्याएं साझा कीं। ---------- नगर पालिका और ट्रैफिक पुलिस द्वारा अतिक्त्रमण के नाम पर किया जाता है परेशान सड़कों के किनारे रेहड़े और ठेलों लगाकर अपनी जिंदगी की गाड़ी चला रहे हैं। फल, सब्जी, खिलने, आदि बेचकर जीवन की गुजर बसर कर रहे हैं। कुछ लोग सड़क किनारे ठिकाना लगाकर चाय, जूस बनाकर परिवार की ग...