मुजफ्फर नगर, दिसम्बर 5 -- एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर में सांसे लेना दूभर हो रहा है। बढ़ते प्रदूषण की चपेट में आए जिले को शुद्ध हवा की आक्सीजन की तलाश है, लेकिन दीपावली के बाद से हवाओं में शुद्धता के बजाए जहर ही घुल रहा है, जिसकी चपेट में हर वर्ग आकर बीमार पड़ रहा है। लोगों को लगने लगा कि मुजफ्फरनगर को शुद्ध हवा वाला शहर कहना अब बेमानी होगी, यदि यही हाल आने वाले कुछ वर्ष रहा तो यहां हर घर में सांस का मरीज होगा और कैंसर के मरीजों की संख्या भी घटने के बजाए बढ़ेगी। जिम्मेदार लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और प्रदूषण बोर्ड अपने स्तर पर जो कार्रवाई कर रहा है, वह ठीक हैं, लेकिन लोगों को हवा को दूषित करने से बचने के लिए स्वयं भी जिम्मेदार बनना होगा, ताभी आने वाला समय मुजफ्फरनगर में रहने लायक रहेगा। - मुजफ्फरनगर को विकास की नई रफ्तार तो मिली, ह...