मुजफ्फर नगर, नवम्बर 29 -- मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे की बिजली व्यवस्था आज यहां के नागरिकों के लिए सहूलियत कम, जानलेवा खतरा ज्यादा बन चुकी है। कस्बे के कई मुख्य मार्गों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली के तार किसी उलझे हुए मकड़जाल से कम नहीं हैं। जर्जर हो चुके लोहे के खंभे गलकर कभी भी गिर सकते हैं, जबकि सुरक्षा घेरे (बैरिकेडिंग) के बिना खुले में रखे ट्रांसफार्मर और सैकड़ों मकानों के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइनें हर पल बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। -- लोहे के खंभे हुए मोमबत्ती, कब होगा बड़ा हादसा? शहरी ढांचे को तबाह कर रहा बिजली का 'मकड़जाल' बुढ़ाना। कस्बे के मुख्य बाज़ार, पुरानी सब्जी मंडी और रिहायशी इलाकों में बिजली के खंभों और तारों का हाल देखकर ऐसा लगता है मानो हम 19वीं सदी के किसी विकासशील शहर में हैं। शहर के कई पुराने हिस्सों...
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