भागलपुर, मई 10 -- बिहार राज्य पथ परिवहन विभाग के अधीन संग्रामपुर बस डिपो कभी एक प्रमुख यात्री केंद्र था, जहां से बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए बसों का नियमित परिचालन होता था। लेकिन विभागीय उदासीनता और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह डिपो आज वीरान हो चुका है। एक समय यात्री बसों की सीटियों से गूंजने वाला यह स्थल अब पशुओं का तबेला और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। सार्वजनिक परिवहन के अभाव के कारण यहां के लोग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और परेशान हैं। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान संग्राम के आम लोगों और यात्रियों ने अपनी परेशानी बताई। 04 एकड़ फैला है संग्रामपुर का सरकारी बस स्टैंड 45 वर्ष पूर्व वर्ष 1980 में शुरू हुआ था यह बस स्टैंड 15 वर्षों से बंद पड़ा बस स्टैंड बना उचक्कों का अड्डा संग्रामपुर प्रखंड मुंगेर जिला मुख्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.