मुंगेर, नवम्बर 17 -- बरियारपुर प्रखंड में नीरपुर पंचायत के अंतर्गत करहरिया, नूरपुर और बगड़ा मौजा में स्थित कृषि भूमि का विशेष महत्त्व है, क्योंकि इस मौजा की लगभग 2000 एकड़ उपजाऊ जमीन इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। मसूर, चना, गेहूं और धान जैसे मुख्य फसलों की खेती यहां परंपरागत रूप से होती रही है। प्राकृतिक रूप से यह क्षेत्र उत्पादन के लिए उपयुक्त है, लेकिन सिंचाई संसाधनों की कमी के कारण कृषि क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो रहा है। इन क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या है, बोरिंग का अभाव। खेतों तक बिजली पहुंचने के बावजूद यदि पानी उपलब्ध नहीं है, तो किसान आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग नहीं कर पाते हैं। वर्तमान में किसान वर्षा पर निर्भर रहते हैं, जिसके कारण सूखे की स्थिति में बड़ी क्षति होती है। दूसरी ओर, बाढ़ के कारण लगभग ढाई महीने तक खेत ड...