भागलपुर, दिसम्बर 7 -- - प्रस्तुति : गौरव कुमार मिश्रा/कुमार आदर्श मुंगेर जिले में हलवाई समाज की आबादी तीन लाख से अधिक है, फिर भी यह समुदाय आज भी सरकारी सहायता से वंचित है। पीढ़ियों से मिठाई और खान-पान का पुश्तैनी व्यवसाय अब पूंजी, प्रशिक्षण और बाजार की कमी के कारण प्रभावित है। लगभग 20 प्रतिशत बच्चे उच्च शिक्षा से दूर हैं और समुदाय को न तो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, न ही रोजगार में प्राथमिकता। हलवाई समाज ने एमएसएमई, उद्यमी योजना, विश्वकर्मा योजना जैसे कार्यक्रमों में शामिल किए जाने और कैंटीन, मध्याह्न भोजन कार्यों में प्राथमिकता की मांग की है। अनुसूचित जाति का दर्जा, वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण को समुदाय की मुख्य जरूरत बताया गया। उनका कहना है कि असली पारंपरिक कारीगरों का रोजगार अब दूसरे लोग हथिया रहे हैं, जिससे यह पुरातन...
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